जेनरेशन-ज़ी के दौर में बहुत कुछ बदला है. इस पीढ़ी ने अपनी बोली को रोचक और रहस्यमयी बनाया है और परंपरागत भाषाओं की तुलना में वो इसे लगातार बदलती रहती है. रोज़मर्रा में हम जिन चीज़ों का इस्तेमाल करते हैं, उन्हें भी ये पीढ़ी लगातार बदल रही है. ऐसा करके पिछली पीढ़ी द्वारा लाए गए बदलावों के कुप्रभावों को कम करने या दिखाने की कोशिश भी वो कर रही है. बीते कुछ सालों में जेन-ज़ी ने ‘डम्बफोन’, वायर्ड हेडफोन्स, विनाइल प्लेयर्स और एनालॉग कैमरे जैसी कई पुरानी चीज़ों को फिर से कूल बना दिया है, जो इस बेहद अस्थिर समय में हमें थोड़ी स्थिरता देने का काम कर सकती हैं.
जेन-ज़ी अक्सर वक्त में थोड़ा पीछे जाकर कोई पुरानी चीज़ उठाती है और उसे फिर फैशनेबल बना देती है. लेकिन इस बार ये जेनरेशन कुछ दशक नहीं बल्कि कुछ सदियां पीछे जाकर एक नया ट्रेंड लाई है. ये ट्रेंड है - कबूतरों से चिट्ठी भेजने का. लेकिन जैसा कि हिंदी फिल्मों के डिस्क्लेमर में लिखा होता है, ऐसा करते समय“ किसी भी जानवर या पक्षी को नुकसान नहीं पहुंचाया गया है”. यानी जेन-ज़ी के कबूतर असली न होकर ऐप्स से भेजे जाने वाले डिजिटल कबूतर हैं.
‘कैरियर पिज’ (Carrier Pidge) ऐसा ही एक स्लोशल (Social का नवजात भाई Slowcial) ऐप है. स्लोशल इसलिए क्योंकि ये यूज़र्स को कबूतर की धीमी रफ़्तार से मैसेज भेजने की सुविधा देता है. यानी अगर आप कैरियर पिज पर किसी को दिल्ली से बैंगलोर मैसेज भेजें, तो वो उसे कम से कम 10-12 घंटे बाद ही मिलेगा. अप्रैल में लॉन्च हुए इस ऐप को एक अमेरिकन जेन-ज़ी नोआ इआरोबीनो ने बनाया है. इस स्लोशल ऐपसे जुड़ने वालों की संख्या शुरुआती कई महीनों तक महज़ कुछ सौ ही थी. लेकिन अगस्त में ऐप से जुड़ी इआरोबीनो की एक सोशल मीडिया पोस्ट वायरल होने और मीडिया की नज़रो में आने के बाद कैरियर पिज लगातार लोकप्रिय होता जा रहा है.
कुछ इसी तरह का किस्सा कैरियर पिज जैसे ही एक और ऐप ‘रूस्ट’ (Roost) का भी है. दोनों के बीच सबसे बड़े अंतर की बात करें तो रूस्ट पर कबूतर के साथ पेंग्विन, बाज़, हमिंगबर्ड और स्नेल जैसे 1000 से अधिक जीवों के ज़रिए मैसेज भेजने का विकल्प मौजूद है. हर जीव द्वारा चिट्ठी पहुंचाए जाने की रफ़्तार उसके स्वभाव के मुताबिक़ होती है. जैसे कि एक स्नेल के ज़रिए चिट्ठी भेजने पर वो एक घंटे में लगभग डेढ़ किलोमीटर ही आगे बढ़ पाएगा, वहीं उल्लू से भेजने पर इतने ही समय में लगभग तीस किलोमीटर का सफ़र तय करेगा. ये ऐप भी कैरियर पिज की तरह अप्रैल में ही लॉन्च हुआ था. इसके अब लाखों यूज़र्स हैं और इनकी संख्या भी एक यूज़र की सोशल मीडिया पोस्ट वायरल होने के बाद अचानक बढ़ी थी…
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